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Desk Report
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2020-08-11

अलविदा राहत इंदौरी साहब

डेस्क रिपोर्ट इंदौर। दिल में हिंदुस्तान और शायरी में इंसानियत लिए राहत इंदौरी साहब हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गए, कल यानी मंगलवार की सुबह उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से जानकारी दी थी कि वे कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। 60 साल से अधिक उम्र वाले मरीजो के लिए कोरोना काफी गंभीर माना जाता है, राहत साहब की उम्र 70 साल की हो चुकी थी। पर,राहत के किरदार से वाकिफ लोगों को यही लगा था कि वो जल्दी ही स्वस्थ होकर आ जाएंगे, लेकिन, होना कुछ और ही था। इसी दौरान राहत साहब को निमोनिया भी हो गया था और फिर लगातार तीन हार्ट अटैक भी आ गया। इसके बाद मंगलवार शाम करीब 5 बजे खबर आई कि रूह को राहत देने वाला ये शायर दुनिया से रुखसत हो गया है।

जनाजे के साथ 15 लोग कब्रिस्तान में पीपीई किट पहनकर पहुंचे।

डॉ. राहत इंदौरी साहब का पार्थिव शरीर अस्पताल से कब्रिस्तान ले जाया गया। चुकी राहत साहब का इंतेकाल कोरोना से हुआ था लिहाज़ा सिर्फ 20 लोगों को जनाजे की नमाज अदा करने की इजाज़त मिली थी। रेहान हाजी ने नमाज ए जनाज़ा अदा करवाई। उसके बाद राहत साहब को नम आंखों से सुपुर्दे खाक कर दिया गया।

राहत साहब की ज़िंदगी एक नज़र में

1 जनवरी 1950 को रिफअत उल्लाह साहब के घर राहत साहब की पैदाइश हुई। राहत साहब के बचपन का नाम कामिल था। बाद में इनका नाम बदलकर राहत उल्लाह कर दिया गया। राहत साहब का बचपन गरीबी में गुजरा। वालिद ने इंदौर आने के बाद ऑटो चलाया। मिल में काम किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने राहत को उन्हीं के अंदाज में आखिरी विदाई दी। लिखा- एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों, दोस्ताना जिंदगी से मौत से यारी रखो।

4-5 दिन से बेचैन थे राहत साहब

राहत इंदौरी साहब के बेटे और सतलज राहत ने बताया कि पापा चार महीने से सिर्फ नियमित जांच के लिए ही घर से बाहर निकलते थे। उन्हें चार-पांच दिन से बेचैनी हो रही थी। डॉक्टरों की सलाह पर एक्सरे कराया गया तो निमोनिया की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जिसमें वे कोरोना संक्रमित पाए गए। राहत को दिल की बीमारी और डायबिटीज थी। सांस लेने में तकलीफ के चलते आईसीयू में रखा गया था।डॉक्टर के मुताबिक मंगलवार शाम को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और सिवियर अटैक आया। उसके बाद एक बार एक बार राहत ने वापसी भी की, पर फिर संभल नहीं पाए।

मुन्नाभाई एमबीबीएस और मर्डर जैसी फिल्मों में गीत लिखे

rahat indori

राहत इंदौरी साहब ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से उर्दू में एमए किया था। भोज यूनिवर्सिटी ने उन्हें उर्दू साहित्य में पीएचडी से नवाजा था। राहत ने मुन्ना भाई एमबीबीएस, मीनाक्षी, खुद्दार, नाराज, मर्डर, मिशन कश्मीर, करीब, बेगम जान, घातक, इश्क, जानम, सर, आशियां और मैं तेरा आशिक जैसी फिल्मों में गीत लिखे। MBN Live की पूरी टीम की तरफ से राहत साहब को श्रद्धांजलि, बहुत याद आएंगे आप और आपकी शायरी

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