Mumbai

By Zain Sayyed
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2020-10-31

फिजियोवर्ल्ड में मनाया गया वर्ल्ड स्ट्रोक डे

29 अक्टूबर 2020 को मुम्बई के चेम्बूर इलाके में स्थित फिजियोवर्ल्ड में वर्ल्ड स्ट्रोक डे पेशेंट एवं अटेंडेंट के साथ मनाया गया, डॉक्टर नीरज झा जो कि एमपीटी न्यूरो, पीएचडी न्यूरो रिहैबिलिटेशन स्कॉलर, कंसलटेंट न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट एंड एच ओ डी फिजियोवर्ल्ड, हैं उनका कहना है कि स्ट्रोक को पक्षाघात या सेरेब्रोवस्कुलर दुर्घटना या सीवीए के नाम से भी जानते है, डॉक्टर नीरज झा की माने तो "इन दिनों देखा जा रहा है कि करोना से संक्रमित हो चुके लोगों में पक्षाघात हृदयाघात के खतरे ज्यादा हो रहे हैं, कोलेस्ट्रोल या उच्च रक्त कोलेस्ट्रोल के मरीज को इस का खतरा ज्यादा रहता है" वहीं 30 से 50 आयु वर्ग के उच्च रक्तचाप के मरीज भी खतरे से घिरे रहते हैं

डॉक्टर नीरज झा के मुताबिक डायबिटीज के रोगियों में स्ट्रोक का जोखिम दो से 3 गुना अधिक रहता है, ब्लड प्रेशर शुगर और हृदय रोग के शिकार लोगों को स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर नीरज झा कहते हैं कि दिमाग के किसी भी भाग में खून की धमनियों में बाधा होने से उस भाग को नुकसान पहुंच सकता है, जब मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम हो जाता है या मस्तिष्क में अचानक रक्त स्त्राव होने लगता है तो इसे मस्तिष्क का दौरा कहते हैं, स्ट्रोक में शरीर के एक हिस्से को लकवा मार जाता है, पक्षाघात के कारण दीर्घकालीन विकलांगता हो सकती है या फिर हाथ पांव काम करना बंद कर सकते हैं,

स्ट्रोक से 25 से 59 आयु वर्ग में मृत्यु का पांचवा सबसे बड़ा कारण है रोगी को देखने, बात करने, बोलने में लड़खड़ाहट, बातों को समझने में परेशानी, यहां तक कि खाना निगलने में भी परेशानी होने लगती है, लकवे के इलाज के बारे में कम जानकारी के कारण लोग बहुत तरह से असामान्य और वैज्ञानिक तरीकों से इलाज करने लगते हैं यह ठीक नहीं है, क्योंकि स्ट्रोक के मामले में शुरुआती तीन-चार घंटे बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं ऐसे में मरीज को तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट कराना चाहिए, न्यूरो फिजिशियन की देखरेख में अगर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया जाए और न्यूरो फिजियोथैरेपी जल्द से जल्द शुरू की जाए, ऐसे में मरीज को न्यूरो फिजियोथेरेपी से बहुत जल्द सुधार होता है, न्यूरो फिजियोथैरेपी चिकित्सा पद्धति में पक्षाघात वाले अंगों को सही न्यूरोप्लास्टिसिटी ऑफ ब्रेन एक्सरसाइज आदि का सामयिक अभ्यास कराते हैं, डॉक्टर झा कहते हैं कि न्यूरो फिजियोथैरेपी के काफी एडवांसमेंट से मरीजों का काफी हद तक सुधार होता है और समय रहते उन्हें विकलांगता से काफी हद तक बचाया जा सकता है

चेंबूर का सबसे बड़ा एवं एकमात्र ISO सर्टिफाइड न्यूरो फिजियोथैरेपी सेंटर है लकवा पुनर्वास के उच्च कोटि के इलाज के लिए संपर्क करें www.physioworld.org

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